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September 18, 2016 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

अर्ध विज्ञानी !!

मुझे यह लिखना जरुरी नहीं है फिर भी लिखता हु !! कुछ बेवकूफ सुधारावादी बस युही हर पुरानी बातो को गाली देते है !! विज्ञान नहीं जानते हुए विज्ञान की बड़ी बाते करते है !! संस्कृत के जहांज में आयुर्वेद फंसा था !! अरे रस्ते पर ऐसी वैसी वनस्पति की दवाइया बेचते थे !! और पुरे आयुर्वेद जो की उपवेद है उसे बदनाम करने का कारण बनते थे ! आज आज आयुर्वेद की यूनिवर्सिटी बन गई है !!लेकिन ऐसे आधे वैद्य को मिलकर पुरे आयुर्वेद को हँसाना यह मूरख जैसी बात है !! मेडिकल अपनी जगह पर विश्व मान्य हुआ है !!ज्योतिष का भी यही बुरा हाल है !!इसकी वैज्ञानिक बात सिद्धांत खगोल विभाग है जो पूर्णतया विज्ञान स्वीकृत है !! किन्तु फलादेश जिव और गुरुत्व कर्षण अवकाशि पदार्थ की जीवो पर असर यह पूर्णतया प्रस्तापित न होने के कारण इसमें छुपे रहस्य तक्षशिला नालंदा के पुस्तकालय भांत अर्ध वैज्ञानिक दृष्टिकपन वाले सुधरा वादी तोड़ रहे है यह अनुचित है !!
https://youtu.be/xNF-yBhkbWY